On the occasion of his birth anniversary, the idol of Dharmanath was taken on a procession through the city

अयोध्या। भगवान धर्मनाथ की जन्मभूमि रत्नपुरी (रौनाही) में जन्म कल्याण उत्सव भव्यता का परिचायक रहा। 15 वें तीर्थंकर धर्मनाथ का जन्म रत्नपुरी (रौनाही) नगरी में हुआ जो वर्तमान में रौनाही के नाम से प्रसिद्ध है। प्रत्येक वर्ष इस स्थल पर वार्षिक उत्सव मनाया जाता है। इसी क्रम में शुक्रवार को भव्य रथयात्रा निकाली गई। इसमें भगवान की प्रतिमा को रथ में विराजमान करके नगर भ्रमण कराया गया।

जैन धर्म की सर्वोच्च साध्वी ज्ञानमती के पावन सानिध्य व जैन मंदिर रायगंज के पीठाधीश रवींद्रकीर्ति स्वामी के निर्देशन में बैंड-बाजे, ध्वज, कलश, झांकी के साथ निकली शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। इससे पहले मंदिर में विराजमान भगवान धर्मनाथ के विग्रह का विभिन्न प्रकार के द्रव्यों से पंचामृत अभिषेक किया गया। सारे विश्व में अहिंसा की कामना से भगवान की महाशांतिधारा संपन्न की गई। देर शाम भगवान की 108 दीपकों से महाआरती भी उतारी गई।

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