जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज विश्व जागृति मिशन के सनातन संस्कृति जागरण महोत्सव में मेरठ पहुंचे। उन्होंने कहा कि विशेष समुदाय में बुजुर्गों का सम्मान किया जाता है, जबकि हिंदू परिवारों में वृद्ध को मिलता है ओल्ड एज होम। ऐसा नहीं होना चाहिए। 
 

Meerut: Jagadguru Shankaracharya said - Hindu will become stronger by awakening political consciousness

हरिद्वार से आए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक चेतना जागृत होनी चाहिए। विशेष समुदाय के लोग जागृत हैं। उनके शीर्ष पदों पर बैठे लोग एक-दूसरे का मान रखते हैं। 100 प्रतिशत तक मतदान करते हैं। लेकिन हिंदू मतदान के लिए जाता है तो पहले राजनीतिक दलों के नाम देखता है। विशेष समुदाय के लोग अपने समाज के भाई को महत्व देते हैं। विशेष समुदाय में राजनीतिक चेतना है। अब समय आ गया है कि सनातनी पूजा-पाठ के साथ अपने वोट की कीमत को भी समझें।

शंकराचार्य साकेत स्थित आईआईटी मैदान में जागृति मिशन की ओर से आयोजित सनातन संस्कृति जागरण महोत्सव में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने समुदाय विशेष के बारे में कहानी सुनाई। कहा कि आज मेरठ, अलीगढ़ जैसे शहरों को संघर्ष करना पड़ रहा है। कितने ही अत्याचारी आए पर सनातन संस्कृति को मिटा नहीं पाए। उन्होंने सनातन को सूर्य की संज्ञा दी।

उन्होंने कहा कि इस दौर में चर्चा होती है कि सनातन बढ़ रहा है लेकिन मैं इसे नहीं मानता हूं। इस धरा पर सनातन के अलावा और क्या है। अपने अंदर हीनता का भाव न लाएं। उन्होंने कहा कि विशेष समुदाय के लोग बुजुर्गों का सम्मान करते हैं और हिंदू परिवार में वृद्ध को वृद्धाश्रम में भेज देते हैं। यह श्रीराम और श्रवण कुमार की धरा है। यहां वृद्धाश्रम नहीं होने चाहिए।

जिसके पास स्वर होगा, वही गाएगा
शंकराचार्य ने सबसे पहले जय श्रीराम का जयघोष कराया। कृष्ण लीला श्लोक- ब्रजे वसंतम् …को उन्होंने इतने सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया कि पंडाल में बैठे लोग भाव-विभोर हो गए। शंकराचार्य की वाणी में मानो मां सरस्वती विराजमान थीं। श्लोक खत्म हो गया लेकिन लोगों की इच्छा समाप्त नहीं हुई। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं आप गाते हैं। भाई महात्मा नहीं गाएगा तो दुरात्मा गाएगा। जिसके पास स्वर होगा, वही तो गाएगा।

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