शिव की नगरी काशी में गणेश चौथ पर प्रमुख गणेश मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिरों में सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।

वाराणसी में मंगलवार को गणेश चौथ पर शिव की नगरी में उनके पुत्र गणेश भगवान के दर्शन के लिए बड़ा गणेश मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दर्शन के लिए श्रद्धालओं की एक किमी लंबी लाइन लगी रही। 3.50 लाख श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन किए। वहीं, काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थित कूप के समीप विराजित श्रीगणेश की विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। वैदिक मंत्रोच्चार और शास्त्रीय विधि से आयोजित पूजा में मंदिर न्यास की ओर से डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण ने विधि विधान से पूजा कर सुख-समृद्धि व कल्याण की कामना की गई।
व्रती महिलाओं ने सुबह सूर्योदय के साथ व्रत की शुरुआत की। पांच तरह के फल, मोदक, तिल और गुड़ के बने सवा किलो पहाड़ रूपी प्रसाद को भगवान को अर्पित किया। इसी के साथ 16 घंटे निर्जला व्रत रहने के बाद 8:39 बजे पर चंद्रोदय को अर्घ्य दे कर गणेश मंदिरों में दर्शन कर व्रत पूरा किया। माघ मास की चतुर्थी तिथि (संकष्टी चतुर्थी) पर मंगलवार को लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर के कपाट भोर में विग्रह पर सिंदूर लेपन किया गया। भगवान को सूती धोती और ऊनी वस्त्र पहनाए गए। दुर्वा, गेंदा, गुलाब, बेला और पान के पत्ते से बने माला का शृंगार कर आरती उतारी गई। इसके बाद कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए।