वाराणसी में ठंड का कहर जारी है। शीतलहर के कारण लोग घरों में दुबके रह रहे हैं। घने कोहरे के चलते सड़क पर वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है।

वाराणसी जिले में ठिठुरन और कोहरे का कहर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन घने कोहरे की चेतावनी दी है। बुधवार की सुबह कोहरे से लिपटी रही। सुबह दृश्यता शून्य रही। हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा छंटा, लेकिन गलन बरकरार रही। ठंड के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। जरूरी काम से जो लोग बाहर निकले वे गर्म कपड़ों से खुद को ढ़के हुए थे।
दूसरी ओर मंगलवार रात में सिर्फ 5.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। ये इस सीजन की सबसे ज्यादा ठिठुरन भरी रात थी। जबकि दिन में तेज धूप के बावजूद अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। ये सामान्य से भी 6.6 डिग्री नीचे रहा। रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.3 डिग्री नीचे लुढ़क गया। दिन में कोल्ड डे जैसी स्थिति बन गई है। हवा 7-8 किमी प्रति घंटे की गति से बही।
बनारस का अधिकतम और न्यूनतम तापमान जनवरी के 30 साल के औसत से भी कम है। न्यूनतम तापमान का औसत 9.1 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस ही दर्ज किया गया। जबकि बनारस में तीन दिनों से तापमान 5.5 डिग्री से लेकर 7 डिग्री के बीच में है।
आठ जनवरी के बाद कम हो सकती है ठंड
मंगलवार को फिर से न्यूनतम दृश्यता 50 मीटर पर चली गई। राहत की बात ये है कि यूपी के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने आठ जनवरी के बाद ठंड में थोड़ी कमी की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद बर्फबारी वाले पहाड़ी इलाकों में पारा ऊपर चढ़ सकता है।