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- संत समाज न्यूज़ का सदस्यता शुल्क आजीवन होता है \सदस्यता शुल्क एक बार देने के बाद वापस नहीं होगा
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- संत समाज में कार्य करने के लिए निस्वार्थ भाव होना जरूरी है क्योंकि यहां कोई मासिक वेतन नहीं होता है।
- संत समाज न्यूज़ किसी भी प्रकार से किसी सदस्य का कोई खर्चा वहन नहीं करता है
- संत समाज न्यूज़ एक स्वतंत्र संस्था है इसका मुख्य कार्य साधु-संतों के लिए कार्य करना है।
- साधु संत समाज न्यूज़ में सदस्यता शुल्क अनिवार्य होता है उसी के बाद आप संस्था के लिए कार्य कर सकते हैं।
- संस्था में किसी प्रकार का नगद राशि का लेन देन नहीं होता
- संत समाज न्यूज़ एक बार मैं एक व्यक्ति को एक ही पद आमंत्रित करता है।
- जिला प्रभारी मंडल प्रभारी और प्रदेश की कार्यकारिणी के लिए सदस्यता शुल्क भिन्न-भिन्न है
- सदस्यता शुल्क देने के पश्चात कोई भी सदस्य उसे वापस लेने के लिए संत समाज न्यूज़ को बाध्य नहीं सकता है
- संत समाज न्यूज़ में कोई भी पद छोड़ने के बाद अपनी पुरानी वीडियो या फोटो डिलीट करने के लिए कोई भी बंध्या नहीं कर सकता ना की जाएगी
- सदस्यता शुल्क 3 दिन के अंदर जमाहोना चाहिए अन्यथा पद मान्य नहीं होगा
- चैनल के विरुद्ध गतिविधियों में सम्मिलित होने पर सदस्यता भी खत्म हो जाएगी।
- संत समाज न्यूज़ में जिला कार्यकारिणी मंडल कार्यकारिणी प्रदेश कार्यकारिणी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पद पर सदस्य मनोनीत किए जाते
- संता समाज न्यूज़ का पद छोड़ने के बाद सभी तरह के कार्य जो संत समाज न्यूज़ से जुड़े में बंद करने होंगे चाहे सोशल मीडिया हो चाहे प्रिंट मीडिया
- संत समाज न्यूज़ सोशल मीडिया प्रिंट मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप के साथ अपना कार्य करता है
- संत समाज न्यूज़ आजीवंत सदस्यता शुल्क इस प्रकार है जिला कार्यकारिणी 2100 से लेकर ₹5500 तक मंडल कार्यकारिणी 5500 से लेकर 11000 तक प्रदेश कार्यकारिणी 11000 से लेकर51000 तक राष्ट्रीय कार्यकारिणी 51000 से लेकर स्वेच्छा अनुसार संत समाज न्यूज़ आजीवंत सदस्यता शुल्क अनुभव के आधार पर सहमति अनुसार भी लिया जाता
- संत समाज न्यूज़ में प्रकाशित कोई भी फोटो या वीडियोया खबरकोई सदस्य हटवाना चाहता है तो प्रकाशित होने के1 घंटे के अंदर सूचित करें अन्यथा फोटो वीडियो या कोई अन्य खबर डिलीट करने के लिए सदस्य बंध्या नहीं कर सकता है ना ही वह डिलीट की जाएगी
- पद छोड़ने के बाद संत समाज न्यूज़ के नाम से कोई भी कार्य करना गैर कानूनी होगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए संत समाज न्यूज़ स्वतंत्र
है
- संत समाज न्यूज़ राष्ट्रीय कार्यकारिणी किसी भी सदस्य का पद किसी भी वक्त समाप्त करने के लिए स्वतंत्र है यदि वह व्यक्ति चैनल के विरुद्ध कोई टिप्पणीया कोई गलत आचरण या अनुशासनहीनता करता है तो
- प्रदेश कार्यकारिणी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जुड़ने के बादलेने के बाद दो सदस्यों से लेकर 5 सदस्य तक जोड़ना अनिवार्य होता है
- कोई भी प्रदेश स्तरीय अथवा राष्ट्रीय स्तरीय कार्यकर्ता यदि लगातार 3 महीने के अंदर कोई सदस्यसंस्था के साथ नहीं जोड़ता है तो उसकी सदस्यता रद्द मानी जाएगी
- सहयोग राशि का लेनदेन केवल राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 93 892 41 950 पर अथवा संत समाज न्यूज़ के खाते में डाले गए पैसों का ही संस्था जिम्मेदार होगी अन्यथा किसी को दी हुई राशि की जिम्मेदारी संस्था की नहीं है
- संत समाज के विरुद्ध किसी भी आपत्तिजनक टिप्पणी व्यवहार यदि पाया जाता है तो सदस्यता टिप्पणी करने के वक्त से ही रद्द कर दी जाएगी
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- संत समाज राष्ट्रीय कार्यकारिणी का निर्णय ही सर्व मान्य होगा उसके लिएकोई भीसुझाव मान्य नहीं होगा
- यदि संस्था के विरुद्ध कोई भी कार्य या कोई भी लेखन या कोई भी टिप्पणी पाई जाती है यह संस्था के जुड़ने वाले नए सदस्यों को कोई भी संस्था के विरुद्ध पाया जाता है तो उसे सदस्य की सदस्यता इस वक्त समाप्त कर दी जाएगी
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संत समाज न्यूज़ के उद्देश्य
- साधु संतों की हर प्रकार सेसहयोग और सहायता करना
- दूर दराज इलाकों में रहने वाले साधु संतों को मुख्य धारा से जोड़ना
- साधु संत की हर परिस्थिति में सहायता करना
- संत समाज के हो रहे किसी भी अत्याचार या प्रचार का विरोध करनाएवं सही औरसच्ची तस्वीर समाज को दिखाना
- मठ मंदिर साधु संतों का प्रचार प्रसार करना
- फर्जी साधु संतों कोसार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना और लोगों को सावधान करना
- साधु संतों की आवाज जन-जन जनता पहुंचना जिनकी कोई नहीं सुनता उनकी भी आवाज पुलिस प्रशासन औरसरकार तक पहुंचाना
- साधु संतों को सशक्त साधन देना अपने आवाज दूर-दूर तक पहुंचाने के लिए
- साधु संत जो विचार प्रकट करना चाहते हो उन्हें बिना किसी व्यवधान रूकावट या दबाव के प्रदर्शित करना और उनको सही दिशा में अग्रसर करना
- संत समाज न्यूज़ स्थापना करने के उद्देश्य
- 1. संत समाज न्यूज़ का मुख्य उद्देश्य संतों की सेवा करना संतों के आवाज उठाना और संतों पर हो रहे अत्याचार या उत्पीड़न का विरोध करना
- 2. संतों की आवाज जन-जन तक पहुंचाना
- 3. संतो को किसी भी स्थिति में पुलिस प्रशासन से मदद पहुंचाना और करवाना
- 4. संतो के खिलाफ कोई भी कार्रवाई हो इसका विरोध करना और सही जानकारी उपलब्ध कराना
- 5. मठ मंदिर आश्रमों की सेवा और सुरक्षा में पुलिस प्रशासन से मदद करना
- 6. वृद्ध संतों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध होना
- 7. आश्रमों की सेवा करना और यथासंभव मदद करना
- 8. गौशाला निर्माण और सेवा में यजमानों से सहायता करना एवं सरकार से मदद करना
- 9. गौ माता की सेवा गौ रक्षों की सेवा करना और करना
- 10. वृद्ध के लिए खाने-पीने और रहने की व्यवस्था करने के लिए सहयोग करना और करना
- 11. संत जनों के लिए प्रचार प्रसार की व्यवस्था करना
- 12. सभी धार्मिक स्थलों पर संतों के लिए निशुल्क व्यवस्था करना
- 13. फर्जी संतो की पहचान करना। और संत को उनके बारे में जानकारी देना
- 14. संतो के लिए परिचय पत्र की व्यवस्था करना और उन्हें मुख्य धारा में जोड़ना
- 15. संतो को आज के वैज्ञानिक युग में प्रगति की ओर अग्रसर करना
- 16. संतो के लिए चिकित्सा की व्यवस्था करना
- 17. धार्मिक स्थलों की सेवा सुरक्षा में अपना भूमिका निभाने
- 18. संतो के आश्रमों की रक्षा करना और उन्हें असामाजिक तत्वों से सुरक्षादेना
- 19. गौशाला मठ मंदिर आश्रम के लिए आर्थिक संस्था की व्यवस्था करना
- 20. दूर दराज रहने वाले संतों के लिए व्यवस्था करना और उन्हें किसी भी स्थिति में पुलिस प्रशासन की मदद करना
- 21. संतों की आवाज जन-जन तक पहुंचाना वह भी किसी भेदभाव के निष्पक्ष और मजबूती के साथ संतो के लिए विशेष व्यवस्था
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