गोरखपुर। हिंदी साहित्य के आलोचक-साहित्यकार प्रो. परमानंद श्रीवास्तव की स्मृति और उनके साहित्यिक अवदान पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘परमानंद श्रीवास्तव : महत्व और अवदान’ का आयोजन 19-20 सितंबर को किया गया है। प्रेमचंद साहित्य संस्थान और साखी पत्रिका की ओर से राजकीय बौद्ध संग्रहालय में होने वाली इस संगोष्ठी में देश के जाने माने साहित्यकार भाग लेंगे।यह जानकारी प्रेमचंद साहित्य संस्थान के निदेशक प्रो सदानंद शाही ने दी। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी में भाग लेने के लिए प्रो शम्भूनाथ (कोलकाता), प्रो अरुण कमल (पटना), प्रो दुर्गा प्रसाद गुप्त (दिल्ली), प्रो प्रणय कृष्ण (प्रयागराज), प्रो अनामिका (दिल्ली), सुश्री अलका सरावगी (कोलकाता), डा निशांत (आसनसोल), अष्टभुजा शुक्ल (बस्ती), स्वप्निल श्रीवास्तव, प्रो रघुवंश मणि व डॉ विशाल श्रीवास्तव (फैजाबाद), अखिलेश (लखनऊ), जितेन्द्र श्रीवास्तव ( दिल्ली), रबीन्द्रनाथ श्रीवास्तव परिचय दास, ए अरविदाक्षन सहित कई विद्वानों को आमंत्रित किया गया है।
प्रो. परमानंद ने आलोचना पत्रिका का संपादन किया। साखी पत्रिका और प्रेमचंद साहित्य संस्थान से वे लगातार जुड़े रहे। अपने साहित्य योगदान के लिए उन्हें बहुत से सम्मान और पुरस्कार भी प्राप्त हुए जिनमें व्यास सम्मान, भारत भारती सम्मान और रामचंद्र शुक्ल पुरस्कार प्रमुख हैं। वे गोरखपुर के साहित्य प्रेमियों के अत्यंत गहरे, अंतरंग और प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। उन्होंने गोरखपुर की साहित्यिक धरा को जो ऊर्जा और पहचान दी, उसे अक्षुण्ण रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।