पारद ध्यान लिंगम अपने अद्वितीय आकार और 5210 किलोग्राम वजन के कारण इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

World Biggest mercury Shivling In Haridwar made by Raghunath Guru from Pune honored by Asia World Records

हरिद्वार में महाशिवरात्रि के मौके पर पारद शिवलिंग की विशेष पूजा अर्चना की गई। यह दुनिया का सबसे बड़ा पारद शिवलिंग है। कई वर्षों की मेहनत के बाद पुणे के मूल निवासी हीलिंग गुरु रघुनाथगुरुजी (रघुनाथ येमूल गुरुजी) ने इसे निर्मित किया है। 

यह दिव्य पारद ध्यान लिंगम वैदिक परंपरा के अनुसार गुजरात में अश्वमेघ यज्ञ सहित अनेक संत-महंतों एवं साधु-संतों के पावन आशीर्वाद से निर्मित किया गया।

वहीं, अध्यात्म में विज्ञान की खोज पर लगातार काम कर रहे रघुनाथ गुरुजी को इस सफलता पर इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड ने शिवरात्रि के अवसर पर सम्मानित किया है। गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में इसे शामिल करने की प्रक्रिया भी की जा रही है। 

12 वर्षों तक की साधना
हीलिंग गुरु रघुनाथगुरुजी लगातार 12 वर्षों तक गिरनार में साधना करने के बाद योग, ध्यान और हीलिंग के साथ हस्तरेखाओं पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजीव बंसल (ट्रस्टी – श्री शिर्डी साई समर्थ ट्रस्ट, हरिद्वार) के महत्वपूर्ण सहयोग से दुनिया के इस सबसे विशाल शिवलिंग का निर्माण संभव हो पाया है। रघुनाथ गुरु जी ने बताया कि इस महान कार्य को परम पूज्य पीर योगी महंत सोमनाथ बाप्पू तथा पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर के विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ। ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी के अनुसार नाथ योगी परंपरा एवं प्राचीन रसायन शास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर इस पारद ध्यान लिंगम के निर्माण का नेतृत्व किया गया है।

5210 किलोग्राम है वजन
यह पारद ध्यान लिंगम अपने अद्वितीय आकार और 5210 किलोग्राम वजन के कारण इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह शिवलिंग हरिद्वार दिल्ली नेशनल हाईवे पर बहादराबाद टोल प्लाजा के पास बने शिरडी साईं बाबा मंदिर में स्थापित किया गया है।

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