ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में महाशिवरात्रि पर्व मनाया गया। परमार्थ गुरुकुल के आचार्यों और ऋषिकुमारों ने भगवान शिव की बरात निकाली। आश्रम परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। महाशिवरात्रि रिट्रीट में देश-विदेश से आए साधक, योगी और श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान शिव की बरात आश्रम परिसर से होकर गंगा तट तक पहुंची। भक्तों ने पुष्पवर्षा कर बरात का स्वागत किया। ऋषिकुमारों ने रुद्राष्टाध्यायी, महामृत्युंजय मंत्र और शिवस्तोत्रों का उच्चाकरण किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि महाशिवरात्रि, चेतना की रात्रि है जो हमें विनाश से सृजन, अंधकार से प्रकाश और सीमितता से अनंतता की ओर ले जाती है। आश्रम में रात्रि में जागरण और सत्संग का आयोजन हुआ।