संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर स्थित रविदास मंदिर के अलावा इसके तमाम आयामों में करोड़ों रुपये दान देने वाले अनुयायी और प्रवासी भारतीय स्वर्ण दास बंगड़ का जालंधर में निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे। उनका अंतिम संस्कार इंग्लैंड में हुआ। दो फरवरी को ही संत रविदास के प्राकट्योत्सव पर काशी आए थे। मंदिर के मैनेजर रणवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी स्व. रेशम कौर बंगड़ के नाम से चैरिटेबल डिस्पेंसरी खोलने के लिए दो करोड़ रुपये दान में दिए थे। इसका उद्घाटन रैदासियों के धर्मगुरु संत निरंजन दास महाराज ने किया था। यहां बन रहे 60 कमरे के वातानुकूलित अतिथि निवास के लिए भी उन्होंने दान दिया है। बताया कि उनका निधन हृदयाघाट से सोमवार को हुआ था। श्री संत रविदास जन्मस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट सीरगोवर्धन के ट्रस्टी केएल सरोवा ने बताया कि डेरा सच खंड बला जालंधर में आई हॉस्पिटल के लिए 1.11 करोड़ दान दिए थे। हर साल काशी और डेरा सच खंड में हाजिरी लगाने इंग्लैंड से काशी आते थे। बेटे राज बंगड़ इंग्लैंड में रैदासी धर्म के प्रचार प्रसार के लिए काशी के नाम से कांशी टीवी चैनल चलाते हैं। उनको यहां ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी है।