गोपेश्वर कैलाश मठ ट्रस्ट के सेवादार को दिल्ली की महिला ने ट्रस्ट में रकम दान करने का झांसा देकर हनी ट्रैप में फंसा लिया। मंगलवार को सेवादार ने मुलाकात करने के लिए महिला को होटल में बुलाया। थोड़ी देर बाद क्राइम ब्रांच के अधिकारी व पुलिसकर्मी बनकर एक महिला समेत तीन लोग सेवादार के कमरे में पहुंच गए। आरोप है कि सेवादार की आपत्तिजनक फोटो खींची और बंधक बना लिया। दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगे। दोस्त की मदद से सेवादार की जान बची। पुलिस ने बुधवार को एक महिला को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
बरेली के फतेहगंज ईस्ट के गांव पढेरा फरीदपुर निवासी प्रदीप शर्मा ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि वह गोपेश्वर कैलाश मठ ट्रस्ट के सेवादार हैं। वाराणसी के बाद ट्रस्ट वृंदावन में एक और मठ का निर्माण करा रहा है। करीब एक माह पहले उनके मोबाइल पर दिल्ली की रहने वाली सीमा का कॉल आया। सीमा ने ट्रस्ट में कुछ रकम दान करने की इच्छा जताई। इस पर सेवादार तैयार हो गए। इसी बची सेवादार ने कोरियर के माध्यम से महिला के घर मठ का प्रसाद भी भिजवाया। इसके बाद महिला ने मंगलवार को मिलने के लिए उन्हें मथुरा बुलाया। वह वाराणसी से मंगलवार रात 9 बजे मथुरा पहुंचे। एसबीआई चौराहे पर महिला से उनकी मुलाकात हुई। इसके बाद वह महिला को साथ लेकर एक होटल में ठहरने के लिए चले गए।
थोड़ी देर बाद एक महिला व तीन लोग उनके कमरे में घुस गए। खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी, पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी बताने लगे। आरोप कि चारों लोगों ने उनकी आपत्तिजनक वीडियो व फोटो बनाए, इसके बाद महिला से दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगे। करीब पांच घंटे तक सेवादार को होटल में बंधक बनाकर रखा। इसके बाद सेवादार ने रकम लाने के लिए अपने दोस्त कृपाशंकर को फोन किया और घटना की जानकारी दी। होशियारी दिखाते हुए कृपाशंकर पुलिस के साथ होटल पहुंचे तो सभी आरोपी मौके से भाग निकले। सेवादार ने दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 निवासी सीमा, नरेश और सोनिया समेत दो अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। सीओ सिटी प्रभारी पीपी सिंह ने बताया कि बुधवार को सीमा को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।