ज्योतिर्मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज माघी पूर्णिमा पर संगम में डुबकी लगा सकते हैं। लखनऊ के कुछ उच्चाधिकारियों ने शंकराचार्य से संपर्क कर उन्हें मनाने की कोशिश शुरू कर दी है। अधिकारी शंकराचार्य से माघी पूर्णिमा पर संगम में स्नान के लिए आग्रह कर रहे हैं। शंकराचार्य ने स्नान करने के लिए कई शर्तें भी अधिकारियों के सामने रख दी हैं। जिसमें मौनी अमावस्या को अभद्रता करने वाले अधिकारी लिखित में माफी मांगें, संन्यासियों, बटुकों, ब्राह्मणों, साधु-संतों और वृद्धों की पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के साथ एफआईआर हो, गाय माता को राज्यमाता घोषित किया जाए और चारों शंकराचार्यों के स्नान के लिए प्रोटोकॉल बने समेत ये चार मांग की हैं। यह सभी चार मांगें मानने पर ही शंकराचार्य ने स्नान की बात कही है। इसकी पुष्टि शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज सरकार ने की है।