प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर मौन स्नान में संस्कृति का अद्भुत स्वर महसूस हुआ। सनातन का मेला श्रद्धा के साथ अनुशासन की अनूठी सीख दे गया। भक्ति के इस हुजूम में पढ़े-लिखे युवाओं की तादाद ज्यादा दिखी।

Magh Mela 2026 Mauni Amavasya silent bathing ritual resonated with wonderful essence of culture Prayagraj

मौनी अमावस्या पर सनातनियों का ऐसा रेला जो हर घंटे रिकॉर्ड बनाता रहा। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात से प्रयागराज में हर तरफ सिर्फ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में मौन धारण कर स्नान करने वालों की भीड़। 

इसमें सिर पर गठरी रखे आसपास के गांवों से आए लोग थे तो विशेष ट्रेनों-बसों से आए श्रद्धालुओं की संख्या भी कम नहीं थी। भक्ति के इस हुजूम में पढ़े-लिखे युवाओं की तादाद ज्यादा दिखी। श्रद्धा के इस मेले का खास बिंदु रहा, गजब का अनुशासन।

न कहीं तेज शोर में गाने, न कहीं तोड़फोड़,न कहीं बैरियर पर खड़े होकर हो-हल्ला करना। तड़प तो बस इतनी कि बिना बोले और बिना व्यवधान त्रिवेणी में स्नान हो जाए।

वीआईपी संस्कृति को अपना कर सोशल मीडिया पर दिख रहे, सुर्खियां बटोर रहे बाबाओं के लिए बड़ी नसीहत दे गए एक ही दिन में पुण्य की डुबकी लगाने वाले करीब 4.52 करोड़ श्रद्धालु। प्रशासन ने जो व्यवस्था बनाई, उसी पर चलते गए। 

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