प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोकने और उनके शिष्यों के साथ मारपीट के विरोध में कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों ने राम नाम जप किया और प्रयागराज प्रशासन से माफी मांगने की मांग की। चाहिए। मांग पूरी न होने पर खून से पत्र लिखने और प्रयागराज कूच करने की चेतावनी भी दी है। राम नाम जप में श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक भी शामिल हुए। पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि प्रयागराज माघ मेले में प्रशासन ने खुले तौर पर जो बर्बरता की है, वह कठोर निंदनीय है। इसे बिल्कुल सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी संगठनों को मिलकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में आवाज उठानी चाहिए और पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। मांग पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा। पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि मंगलवार को खून से पत्र लिखा जाएगा और राष्ट्रपति से बर्बरता करने वाले प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने मांग की कि प्रयागराज में धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से प्रशासन माफी मांगे और बर्बरता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। यदि मांग पूरी नहीं होती है तो, देशभर से शंकराचार्य के समर्थक प्रयागराज कूच करेंगे। भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि शांतिपूर्वक स्नान करने जा रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रशासन ने जबरन स्नान करने से रोका। इतना ही नहीं उनके शिष्यों के ऊपर बर्बरतापूर्वक लात घूसों से मारपीट की गई। एक 85 वर्षीय संत को प्रशासन ने नही छोड़ा। पंडित विष्णुदास ने कहा कि एक संत के साथ जिस तरह से मारपीट की गई, वो सनातन धर्मियों की सरकार को शोभा नहीं देता। गंगा स्नान करने से रोकने का तरीका बिल्कुल गलत है, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

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