माघ मेला प्रयागराज में चल रही गौ प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। यात्रा का शुभारंभ 10 बजे अक्षयवट मार्ग स्थित महात्यागी बाबा शिविर से हुआ।

Gau Pratishtha Prerana Yatra reached 170 camps on second day of Yatra under the leadership of Shankaracharya

माघ मेला प्रयागराज में चल रही गौ प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। यात्रा का शुभारंभ 10 बजे अक्षयवट मार्ग स्थित महात्यागी बाबा शिविर से हुआ। यात्रा के अंतर्गत आज कुल 170 शिविरों में पहुंचकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संत समाज, तपस्वियों, संगठनों तथा श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित किया गया। साथ ही सनातन जीवन-पद्धति में गौ माता के स्थान, महत्व और संरक्षण पर विचार-विमर्श हुआ।

यात्रा के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वयं अपने अनुनायीयों के साथ विभिन्न शिविरों में विराजमान संतों को गौ रक्षा के लिए प्रेरित किया। संवाद के बाद जगतगुरु शंकराचार्य ने स्पष्ट कहा कि बिना गौ माता के हिन्दू धर्म की कल्पना नहीं कर सकते, वही हमारे धर्म, संस्कृति और परंपरा का मूल है। उन्होंने आगे कहा कि गौ संरक्षण केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि सभ्यता, कृषक-जीवन, आयुर्वेद और धर्म का आधार है।

अनेक शिविरों में उपस्थित संतों ने गौ आधारित कृषि, गौवंशीय उत्पाद, एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा गौ माता से जुड़ी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि गौ रक्षा को संकल्प से जोड़ा जाए, न कि केवल विचार से। यात्रा का समापन दो बजे महावीर मार्ग स्थित सतुआ बाबा जी के शिविर में हुआ ।

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