मौनी अमावस्या पर साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। मेले में एक अतिरिक्त स्नान घाट ‘काली पार्ट-दो’ का विस्तार किया गया है।

मौनी अमावस्या पर साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। मेले में एक अतिरिक्त स्नान घाट ‘काली पार्ट-दो’ का विस्तार किया गया है। लखनऊ और अयोध्या की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नागवासुकि क्षेत्र में ही स्नान की व्यवस्था की जा रही है जिससे संगम क्षेत्र पर दबाव कम किया जा सके। शुक्रवार तड़के से ही स्नान का क्रम शुरू हो गया। संगम नोज के अलावा नैनी के अरैल, झूंसी और संगम क्षेत्र के प्रमुख स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग
गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या ज्योतिष पीठम के निदेशक आचार्य विवेक उपाध्याय के अनुसार, इस बार मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसे अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। 17 जनवरी की रात 11:53 बजे से अमावस्या तिथि प्रारंभ होकर 18 जनवरी की रात 1:09 बजे तक रहेगी। इस अवधि में किया गया स्नान, व्रत, ध्यान, जप और हवन विशेष पुण्य फल प्रदान करने वाला माना गया है।