अयोध्या धाम और पंचकोशी परिक्रमा मार्ग में मांसाहारी भोजन की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के संबंध में भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “धार्मिक नागरिक अपने रीति-रिवाजों, व्रतों, प्रार्थनाओं और तपस्याओं के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं। इस तरह की बाधाएं न केवल उनका ध्यान भटकाती हैं बल्कि उनकी धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाती हैं।
अयोध्या में मांस और शराब की बिक्री को लेकर प्रशासन ने हाल ही में कड़े कदम उठाए हैं। यहाँ इस प्रतिबंध से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तार से दी गई है अयोध्या की धार्मिक पवित्रता और मर्यादा को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने प्रतिबंध के दायरे को काफी बढ़ा दिया है। अब यह केवल कुछ चुनिंदा सड़कों तक सीमित नहीं है।
जनवरी 2026 में लागू नए नियमों के अनुसार, राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांस (Non-Veg) की बिक्री और डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें ‘पंचकोसी परिक्रमा’ का पूरा मार्ग भी शामिल है।
अब स्विगी (Swiggy) और ज़ोमैटो (Zomato) जैसे प्लेटफॉर्म इस प्रतिबंधित क्षेत्र में मांसाहारी भोजन की डिलीवरी नहीं कर सकेंगे। सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह के अनुसार, होटलों और होमस्टे को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे पर्यटकों को नॉन-वेज भोजन न परोसें।
मई 2025 में अयोध्या नगर निगम ने 14 किलोमीटर लंबे ‘राम पथ’ (जो अयोध्या और फैजाबाद को जोड़ता है) पर मांस और शराब की बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया था। इस मार्ग पर मांस की दुकानों को पूरी तरह हटा दिया गया है।
अयोध्या के मुख्य मंदिर क्षेत्र (अयोध्या धाम) में शराब पहले से ही प्रतिबंधित थी, लेकिन नए नियमों के तहत इसे राम पथ और अन्य प्रमुख मार्गों से भी हटाया जा रहा है। हालांकि, शराब की लाइसेंस प्राप्त दुकानों को हटाने के लिए जिला प्रशासन से विशेष अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। मांस और शराब के अलावा, राम पथ जैसे पवित्र मार्गों पर तंबाकू, पान मसाला, सिगरेट और यहाँ तक कि अंतःवस्त्रों (undergarments) के विज्ञापनों पर भी रोक लगाई गई है ताकि शहर का आध्यात्मिक वातावरण बना रहे।