Defence Minister hoisted the flag on the summit of Maa Annapurna Temple.

अयोध्या। भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर बुधवार को अयोध्या उत्सव में लीन रही। प्रतिष्ठा द्वादशी का मुख्य अनुष्ठान सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ। इसके बाद ठीक दोपहर 12:20 बजे रामलला की महाआरती उसी मुहूर्त में हुई जिस मुहूर्त में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला की आरती उतारी। रक्षामंत्री ने मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया।

पूजन प्रक्रिया के क्रम में वैदिक आचार्यों ने वेद मंत्रोच्चार के बीच पहले दूध, फिर दही, घी, शहद व शक्कर से रामलला का अभिषेक किया। इस प्रक्रिया में करीब 45 मिनट लगे। इसके बाद सरयू जल से बालक राम व उत्सव मूर्ति का अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद रामलला को सोने-चांदी से जड़ित पीतांबरी वस्त्र धारण कराया गया। फिर सोने का मुकुट, हाथ में कड़ा, कोदंड धनुष, करधन, हीरे-मोती से जड़ित हार आदि आभूषण धारण कराया गया। इसके बाद रामलला को विभिन्न व्यंजनों का भोग अर्पित कर महाआरती की गई। रक्षामंत्री व सीएम ने रामलला की आरती उतारी। रक्षामंत्री ने रामलला की पूजा-अर्चना करने के बाद सप्त ऋषियों के भी दर्शन किए। उन्होंने मंडल पूजा में भी हिस्सा लिया और पूजन किया। इस दौरान परिसर में मौजूद करीब 25 संत-धर्माचार्यों से भी उन्होंने मुलाकात की। संतों के साथ भोजन प्रसाद ग्रहण किया।

70 फीट ऊंचे शिखर पर लहराया केसरिया ध्वज
रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने श्रीराम के जयघोष व मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन कर मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा का आरोहण किया। परकोटे के उत्तरी दिशा में मां अन्नपूर्णा का मंदिर निर्मित है। मंदिर के 70 फीट ऊंचे शिखर पर त्रिभुजाकार केसरिया ध्वज फहराया गया। ध्वज पर ऊं का चिन्ह भी अंकित है। रक्षामंत्री ने डेारी खींचकर ध्वजारोहण किया। ध्वज की लंबाई 4़ 25 मीटर है। इससे पहले 25 नवंबर को राम मंदिर के मुख्य शिखर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने धर्मध्वजा फहराई थी।

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