इसके पास सात अखाड़े हैं. शिव और उनके अवतारों को मानने वाले शैव कहे जाते हैं. शैव में शाक्त, नाथ, दशनामी, नाग जैसे उप संप्रदाय हैं.
1.श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी, दारागंज, इलाहाबाद, यूपी
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा का जिम्मा इसी अखाड़े के पास है. यह परंपरा पिछले कई साल से चली आ रही है.
2. श्री पंच अटल अखाड़ा, चौक, वाराणसी, यूपी
इस अखाड़े में ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य ही दीक्षा ले सकते हैं.
3. श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी, दारागंज, इलाहाबाद, यूपी
यह अखाड़ा सबसे ज्यादा शिक्षित अखाड़ा है. इस अखाड़े में करीब 50 महामंडलेश्वर हैं.
4. श्री तपोनिधि आनंद अखाड़ा पंचायती, त्रयंबकेश्वर, नासिक
यह शैव अखाड़ा है जिसमें महामंडलेश्वर नहीं होते. आचार्य का पद ही प्रमुख होता है.
5. श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, बाबा हनुमान घाट, वाराणसी
सबसे बड़ा अखाड़ा है. करीब 5 लाख साधु संत इससे जुड़े हैं.
6. श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा, दशाश्वमेध घाट, वाराणसी, यूपी
अन्य अखाड़ों में महिला साध्वियों को भी दीक्षा दी जाती है लेकिन इस अखाड़े में ऐसी कोई परंपरा नहीं है.
7.श्री पंचदशनाम पंच अग्नि अखाड़ा, गिरीनगर, भवनाथ, जूनागढ़, गुजरात
इस अखाड़े में केवल ब्रह्मचारी ब्राह्मण ही दीक्षा ले सकते है. कोई अन्य दीक्षा नहीं ले सकता है.